गोरखालैंड की मांग दबाने की कोशिश न करें : क्षेत्री
कालिम्पोंग : गोरखालैंड की मांग दबाने की कोशिश न करें। यह बातें गोजमुमो के प्रचार सचिव डा. हर्क बहादुर क्षेत्री ने शुक्रवार को यहां कही। उन्होंने यह बातें गोरामुमो के कालिम्पोंग शाखा के पूर्व अध्यक्ष दावा पाखरीन शुक्रवार को यहां पहुंचने के संदर्भ में कही। डा.क्षेत्री ने दावा पाखरीन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि दलगत राजनीति करने पर अब वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। गोरखालैंड किसी एक पार्टी अथवा जाति के लिए नहीं है। यहां रहने वाले सभी जाति के लोगों की जिम्मेदारी है कि वह आंदोलन का स्वरूप बिगाड़ने का प्रयास न करें। गोजमुमो नेता डा.क्षेत्री ने दावा पाखरीन के संबंध में कहा कि वह आए हैं यह उनका अधिकार है मगर इसके साथ ही उनकी जिम्मेदारी भी है। अब उनके कार्य के आधार पर ही जनता उनका भविष्य तय करेगी।
उन्होंने कहा कि पहाड़ पर नि:संदेह कुछ परिवर्तन आया है, कई दल 21 मई की घटना को देखकर मोर्चा को कमजोर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गोरामुमो के नेता के पहाड़ पर आने की प्रक्रिया में राज्य सरकार की भी अहम भूमिका है क्यों कि गोरामुमो के आने से राज्य सरकार को लाभ होगा। डा.क्षेत्री ने दावा पाखरीन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अब वह जो भी कार्य करेंगे आगामी दिनों की परिस्थिति व प्रक्रिया खोजने के लिए उन्हें तैयार रहना होगा। गोजमुमो नेता ने 21 मई की घटना की जांच प्रक्रिया पर अविश्वास जताते हुए कहा कि राज्य सरकार त्रिपक्षीय वार्ता को विफल बनाने के लिए प्रयासरत है। 21 मई की घटना से राज्य को पूरा मौका मिला।
उन्होंने कहा कि आविप के राज्य स्तरीय नेताओं को राज्य सरकार ने वश में कर लिया है। वहीं आविप की 19 सूत्रीय मांग मांगने के आश्वासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डा.क्षेत्री ने कहा कि अगर अगले वर्ष तक उक्त मांग स्वीकार नहीं हुईं तो माकपा को विधानसभा चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा। राज्य सरकार द्वारा पार्वत्य क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में डा. क्षेत्री ने कहा कि विगत वर्ष सरकार ने अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का आश्वासन दिया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने नगर विकास मंत्री अशोक भंट्टाचार्य पर सांप्रदायिक स्तर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमेशा गोरखाओं के विरोध में रहत हैं। गोजमुमो नेता ने अंत में कहा कि गोरामुमो के 17 नेता जो यहां आये हैं अगर वह सही ढंग से रहते हैं तो गोजमुमो को कोई आपत्ति नहीं होगी।
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