मंत्री को पहाड़ के विकास की याद कैसे आ गई : गोजमुमो
पानीघाटा (दार्जिलिंग) : अभी तक मिरिक झील विकास से अछूती पड़ी रही तब नगर विकास मंत्री को इसकी याद नहीं आई। अभी अचानक उन्हें मिरिक झील व पहाड़ की समस्या की याद कैसे आ गई। यह बातें गोजमुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य बिंद्र कुमार प्रधान ने कही। उन्होंने कहा कि वैसे नगर विकास मंत्री जो कुछ भी दिखावा कर रहे हैं उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्यों कि जनता भलीभांति नगर विकास मंत्री की दोहरी चाल समझ चुकी है और वह उनके चक्कर में फंसने वाली भी नहीं है क्यों कि जनता को विश्वास है कि एक न एक दिन तो जरूर गोरखालैंड राज्य का गठन होगा। तब समूचे क्षेत्र में विकास की लहर आ जाएगी। गोजमुमो नेता बिंद्र कुमार प्रधान ने कहा कि पहाड़ की सबसे अहम समस्या पेयजल की है। जो अब तक हल नहीं हो पाई है। मगर राज्य सरकार के जिम्मेदार नगर विकास मंत्री द्वारा विकास की बातें करना शोभा नहीं देती।
उन्होंने गोरामुमो नेता राजेन मुखिया पर निशाना साधते हुए कहा कि सेटअप गोजमुमो नहीं थी। गोजमुमो द्वारा गोरखालैंड आंदोलन की आवाज केंद्र सरकार के कानों तक पहुंचाने के बाद केंद्र द्वारा अंतरिम सेटअप का पैकेज देने की बात कही गई थी जिसमें दार्जिलिंग, तराई व डुवार्स की जनता का हित था। 30 मई को दार्जिलिंग में हुए शक्ति प्रदर्शन में सेटअप को पूरी तरह से खारिज कर गोरखा-आदिवासी प्रदेश पर चर्चा शुरु हुई। अब ऐसी स्थिति में सेटअप के संबंध में चर्चा करने का कोई औचित्य ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार पार्वत्य क्षेत्र में शांत वातावरण बनाना चाहती है तो जनभावनाओं की कद्र करते हुए समस्त जनता की मांग स्वीकारते हुए जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए ताकि दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र की जनता की इच्छा पूरी हो सके। वैसे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा द्वारा बंद, अनशन तथा रैली के माध्यम से राज्य सरकार के विरुद्ध असहयोग आंदोलन किया जा रहा है। जिससे गोरखालैंड आंदोलन को ऊर्जा प्राप्त होती है।
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