40 दिन बंद का तराई मोर्चा के पूंर्व अध्यक्ष ने किया घोर विरोध
पानीघाटा (दार्जिलिंग) : गोरखाजनमुक्ति मोर्चा सुप्रीमो विमल गुरुंग द्वारा 2 अगस्त से 40 दिन 40 रात बंद का का तराई गोरामुमो के पूंर्व अध्यक्ष राजेन मुखिया ने घोर विरोध किया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि चालीस दिन व रात का बंद किसके लिए है। कहीं सेटअप तथा गोरखा आदिवासी प्रदेश के लिए तो नहीं। इस बंद से किसे सर्वाधिक लाभ व क्षति होगी। उन्होंने गोजमुमो को उटपटांग बातें न बोलने का सुझाव देते हुए जोश में आकर होश न खोने की सलाह दी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने मोर्चा को मनमानी करने की छूट प्रदान कर मोर्चा को खुश रखने की साजिश कर रही है।पहाड़ में गोजमुमो के आतंक को नियंत्रित करना होगा। तभी पहाड़ पर शांत वातावरण बनेगा। राजेन मुखिया ने मोर्चा के नेताओ पर निशाना साधते हुए कहा कि मोर्चा के नेता जनहित की बात करते हैं तो फिर बार-बार बंद कराकर नुकसान किसका करते हैं। इससे किसको परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि मोर्चा के नेताओं द्वारा जनहित की भाषणबाजी करना शोभा नहीं देती। तराई गोजमुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष रसाइली ने सिलीगुड़ी से प्रकाशित समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का खंडन किया।
Category:


0 comments