गोरखालैंड राज्य का नाम बदलने कि तैयारी ?
कलिम्पोंग : गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की झोलुंग , कलिम्पोंग में हुई कार्यकारिणी कि बैठक में प्रस्तावित गोरखालैंड राज्य का नाम बदलकर नया करने पर विचार हुआ हें ! ऐसा दावा यहाँ कि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कही जा रही हैं। हालाकि ऐसी सम्भावना व्यक्त कि जा रही हैं कि इस बैठक में गोरखालैंड राज्य का नया मानचित्र भी तय कर लिया गया हैं , जिसमे दुआर्स और सिलीगुड़ी के बहुत बड़े क्षेत्र को गोरखालैंड राज्य से अलग कर दिया गया हैं। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष बिमल गुरूंग ने भी मीडिया को बताया की तराई के आदिवासी संगठनो के विरोध एवं उनकी भावनाओ को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार को एक गुप्त प्रस्ताव भेज दिया गया हैं जिसमे कई सुझावों को पहल करने की सिफारिशे की गयी हैं जो कि 2011 से अमल में लाई जायेगी ।
अब देखना यह होगा कि गोरखालैंड राज्य के लिए आन्दोलन कर रहे मोर्चा के नेतागण अपने समर्थको को कैसे विश्वास में लाकर राज्य का नाम बदल पाते हैं , खैर काफी समय से मजबूत होती दिखाई दे रही जन आन्दोलन में असंतोष उभरने का संकट गहरा गया हैं क्यूंकि कई स्थानीय निवासी दुआर्स और सिलीगुड़ी के भूभाग को प्रस्तावित राज्य के नक़्शे से हटाने को अनुचित कदम मान रहे हैं। कही खुश करने कि राजनीति तो नहीं है जिसने गोरखालैंड के नाम पर ही प्रश्नचिंह लगा दिया ? मोर्चा प्रमुख बिमल गुरूंग के कहे अनुसार गोरखालैंड नाम पर कई गैर-गोरखा समुदाय आपत्ति कर रहा हैं जिस कारण किसी बड़े विवाद को न होने देने कि मंशा से ऐसा किया जा रहा है ।
अब देखना यह होगा कि गोरखालैंड राज्य के लिए आन्दोलन कर रहे मोर्चा के नेतागण अपने समर्थको को कैसे विश्वास में लाकर राज्य का नाम बदल पाते हैं , खैर काफी समय से मजबूत होती दिखाई दे रही जन आन्दोलन में असंतोष उभरने का संकट गहरा गया हैं क्यूंकि कई स्थानीय निवासी दुआर्स और सिलीगुड़ी के भूभाग को प्रस्तावित राज्य के नक़्शे से हटाने को अनुचित कदम मान रहे हैं। कही खुश करने कि राजनीति तो नहीं है जिसने गोरखालैंड के नाम पर ही प्रश्नचिंह लगा दिया ? मोर्चा प्रमुख बिमल गुरूंग के कहे अनुसार गोरखालैंड नाम पर कई गैर-गोरखा समुदाय आपत्ति कर रहा हैं जिस कारण किसी बड़े विवाद को न होने देने कि मंशा से ऐसा किया जा रहा है ।
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