गोरखालैंड की मांग गांधीजी के मार्ग पर आधारित
कालिम्पोंग (दार्जिलिंग) : देश के संविधान का सम्मान करते हुए संविधान के तहत तथा शांतिपूर्ण ढंग से गोजमुमो गांधी जी के आदर्श का अनुसरण करते हुए गोरखालैंड की मांग कर रहा है। यह बातें डंबर चौक पर गोजमुमो की सभा को संबोधित करती हुई कालिम्पोंग महकमा समिति की अध्यक्ष सरिता राई ने कही। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि गोजमुमो अध्यक्ष विमल गुरुंग ने ईश्वर का नाम लेकर ही आंदोलन की शुरुआत की है इसलिए आंदोलन अपने लक्ष्य पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जनता गोरखालैंड के लिए तन-मन से एकजुट है। उन्होंने अलग राज्य के लिए विपक्षियों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि एक जुट होकर एक मंच पर आएं और अपनी जाति के अधिकार के लिए जातीय पहचान के लिए आगे बढ़ें।आज हम विभाजित हैं। अगर हम अपनी पहचान के लिए राजनीति से हटकर सोचें तो बेहतर होगा। हमारे अंदर विभाज्य दुर्भाग्य की बात है। हमारा विभाजन बंगाल सरकार को बल प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हथियार की लड़ाई तो जीत ली है और कलम से गोरखालैंड की लड़ाई भी जीतेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोजमुमो केंद्रीय समिति नारी मोर्चा की सदस्य ने किया। सभा को काजिम छिरिंग भूटिया, विजय सुंदास ने संबोधित किया। जनसभा प्रारंभ होने के पहले नारी मोर्चा, युवा मोर्चा तथा गोजमुमो के अन्य यात्री संगठनों के सदस्यों ने डंबर चौक से रैली निकाली। रैली शहर की परिक्रमा करते हुए डंबर चौक पर पहुंचकर सम्पन्न हुई। इसके साथ ही जनमुक्ति कर्मचारी संगठन के कार्यालय में छठी त्रिपक्षीय वार्ता की सफलता के लिए 108 दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
Category:


0 comments