नेपाल के प्रधानमन्त्री ने विरोध के कारण दिया इस्तीफा
काठमांडू। आखिरकार माओवादियों द्वारा लगातार इस्तीफे की मांग के आगे नेपाली प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल को झुकना पड़ा और उन्होंने बुधवार को अपने पद पर से पद पर से इस्तीफा दे दिया. 28 मई को संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ाये जाने के संबंध में तीन सूत्री समझौते के तहत उन्होंने ऐसा किया. इस्तीफा के बाबत उन्होंने बयान दिया कि मौजूदा राजनीतिक गतिरोध दूर करने तथा राष्ट्र में शांति कायम करने के लिए वे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने 22 दलों का अब भी समर्थन होने की बात कही तथा दावा किया कि उनकी सरकार अब भी बहुमत में है.माओवादियों की ओर इशारा करते हुए माधव नेपाल ने कहा कि जिस संपत्ति पर उन्होंने कब्जा जमा रखा है, वह राष्ट्र को वापस कर दिये जाने चाहिए.
साथ ही माओवादियों के अर्धसैनिक संगठन यंग कम्युनिस्ट लीग को भंग कर इनके बेलगाम सैनिकों पर अंकुश लगाने की मांग भी की. माओवादियों के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र में शांति व्यवस्था कायम करने में उनका साथ नहीं मिल रहा है.
माओवादी लोकतंत्र की मुख्यधारा में जुड़ने के बाद भी संसद का बहिष्कार कर रहे हैं और साथ ही उग्र विरोध-प्रदर्शन भी. इस्तीफा देते हुए माधव नेपाल ने कहा कि राष्ट्र में स्वस्थ लोकतंत्र और शांति व्यवस्था कायम करने के लिए वे अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
Category:


0 comments