गोरामुमो समर्थक पर जानलेवा हमला
सिलीगुड़ी (दार्जिलिंग) : कालिम्पोंग में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पोस्टरबाजी को लेकर पिछले दिनों हुई हिंसा की चिंगारी अभी बुझी भी नहीं थी कि बुधवार को सुबह 10 बजे समूहबंद हमलावरों ने पूर्व पार्षद टीकाराम क्षेत्री के बमबस्ती स्थित घर पर हमला बोल दिया। घर में तोड़-फोड़ के बाद हमलावर क्षेत्री को अपने साथ अगवा कर ले गए। फिर इस कदर पीटा कि होश-हवास गंवा चुके पूर्व पार्षद को मृत समझकर रास्ते में फेंक दिया। देर शाम को परिजन उन्हें सिलीगुड़ी लेकर आए, जहां एक निजी नर्सिग होम के आईसीयू में वे मौत से बचने को जूझ रहे हैं। हालत नाजुक बनी हुई है। परिजन हमले का कसूरवार जीएलपी को ठहरा रहे हैं। गोरामुमो नेता व पूर्व पार्षद केएन सुब्बा का आरोप है कि जीएलपी हद को पार कर चुका है। प्रशासन का राज तो कालिम्पोंग में है ही नहीं। टीकाराम क्षेत्री पर हमले के पीछे की मुख्य वजह ठेके का विवाद है। क्षेत्री अपने जमाने में पार्षद का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार की हैसियत से जीते थे, लेकिन बाद में सुभाष घीसिंग के नेतृत्व वाले गोरामुमो से जुड़ गए थे। इधर के दिनों में वे ठेकेदारी का कारोबार कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार योजना के एक ठेके को लेकर वे आज निशाना बने। क्षेत्री की पत्नी सुकन क्षेत्री के मुताबिक सुबह 10 बजे के करीब 50 की संख्या में जीएलपी के लोग आए। घर में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। जब मेरे पति ने विरोध किया, तो उन्हें धुनते हुए हमलावर साथ ले गए। मैंने देखा कि मेरे पति को पीटते हुए ले जाया जा रहा है। पति को बचाने की गुजारिश मैंने जगह-जगह की, लेकिन कोई आगे नहीं आया। श्रीमती क्षेत्री का यह भी आरोप है कि जीएलपी वाले उनके अगवा पति को अपने बेस कैंप चेन्स क्लिनिक में ले गए, जहां और पिटाई की गई। पहाड़ छोड़ने की धमकी दी गई। जब वे बदहवास हो गए, तो हमलावरों ने मान लिया कि मर गए हैं, सो उन्हें घर के पास लाकर सड़क किनारे फेंक दिया। वे बतातीं हैं कि कालिम्पोंग की स्थिति यह है कि शिकायत के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। यदि किसी ने शिकायत दर्ज भी करा दी, तो तुरंत वापस लेने की धमकी मिलने लगती है। नहीं वापस लेने पर हमला बोल दिया जाता है। जो भी विरोध का स्वर उठाता है, उसे वहां से खदेड़ दिया जाता है। खदेड़े गए लोगों की संख्या काफी है। प्रधाननगर स्थित नर्सिग होम में पूर्व पार्षद की चिकित्सा कर रहे डाक्टर एसआर शर्मा ने बताया कि मरीज की स्थिति काफी गंभीर है। जान खतरे में है। मस्तिष्क और किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। मौत के मुंह से निकालने को डाक्टरों की टीम अंतिम प्रयास कर रही है। नर्सिग होम में टीकाराम क्षेत्री के भर्ती होने की जानकारी पाकर गोरामुमो नेता व पूर्व पार्षद केएन सुब्बा भी पहुंचे। उन्होंने कालिम्पोंग की बिगड़ी स्थिति के लिए गोजमुमो और प्रशासन को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि स्थिति अब हद को पार कर गई है। एक हफ्ते के भीतर हम भी बताएंगे कि ताकत क्या है। गोरामुमो को मृत समझने की कोशिश किसी को नहीं करनी चाहिए। पहाड़ में अशांति न हो, इसलिए चुप थे, लेकिन अब चुप्पी तोड़ने का वक्त आ गया है। श्री सुब्बा ने कहा कि कालिम्पोंग में प्रशासन ने तो चूडि़यां पहन ली है। वहां इनका कोई राज ही नहीं है, ऐसे में थानों को हटा ही देना चाहिए, ताकि लोग अपनी सुरक्षा अपने बूते कर सकें। विमल गुरुंग पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत दिनों तक किसी अत्याचारी का राज नहीं चलता, वे इस बात को भलीभांति समझ लें।
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