पूर्व सैनिकों का सात सदस्यीय दल 8 को कोलकाता जाएगा
दार्जिलिंग: 9 अप्रैल 2008 को सिलीगुड़ी में पूर्व सैनिकों द्वारा निकाली गई शांति रैली पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना की जांच रिपोर्ट का अभी तक खुलासा न होने पर 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए भारतीय गोर्खा भूतपूर्व सैनिक मोर्चा के 7 प्रतिनिधि कर्नल रमेश आले के नेतृत्व में 8 अप्रैल को कोलकाता रवाना हो रहे हैं। यह जानकारी भारतीय गोर्खा भू.पू.सैनिक मोर्चा के दार्जिलिंग जोनल महासचिव कै.शिवकुमार राई ने दी। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक प्रतिनिधि 9 अप्रैल को कोलकाता स्थित राइटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री बुद्धदेंव भंट्टाचार्य से मुलाकात करके वर्ष 2008 में 9 अप्रैल को सिलीगुड़ी में पूर्व सैनिकों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के संबंध में वार्ता करेंगे। वैसे अभी तक मुख्यमंत्री से मुलाकात की अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। इससे इन लोगों की कोलकाता यात्रा अभी अधर में लटकी है। मगर पूर्व सैनिक मोर्चा मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए अनुमति मिलने की उम्मीद लगाए है।ज्ञात हो कि 9 अप्रैल 2008 को पूर्व सैनिक मोर्चा द्वारा सुकना से शांति रैली निकाली जा रही थी दार्जिलिंग मोड़ के पास रैली पहुंचते ही रैली में शामिल लोगों पर पत्थरबाजी होने के साथ ही पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था।जिसमें वयोवृद्ध सेवानिवृत्त कर्नल डीके राई के साथ ही कई पूर्व सैनिक बुरी तरह घायल हो गए थे। इस घटना में 42 पूर्व सैनिकों को पुलिस ने जबरिया गिरफ्तार किया था। इस घटना से दुखी होकर पूर्व सैनिक जीवन खाती ने 10 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। पूर्व सैनिकों का कहना है कि हम लोग देश को दुश्मनों से बचाने के लिए जान की बाजी लगाकर दुश्मनों को मार गिराते हैं मगर सेवानिवृत्त होने के बाद पूर्व सैनिकों का सरकार इस तरह से अपमान करेगी यह तो कभी भी नहीं सोचा था। पूर्व सैनिक पर हुए लाठीचार्ज की घटना की जांच के लिए वनमैन कमीशन गठित किया गया था। लेकिन कई माह बाद भी लाठीचार्ज की घटना की रिपोर्ट का खुलासा न होने पर पूर्व सैनिक मोर्चा प्रतिनिधियों ने 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री बुद्धदेव भंट्टाचार्य से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। मगर अभी तक मुख्यमंत्री से भेंट की अनुमति नहीं प्राप्त हो पायी है। जिससे पूर्व सैनिक मोर्चा की कोलकाता यात्रा अभी अधर में है।
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