वर्ष 88 में गोर्खालैंड को ड्राप कर त्रिपक्षीय समझौता सबसे बड़ी भूल :बीपी भंट्टराई
दार्जिलिंग: अंतरिम सेटअप के संबंध में गोरामुमो चाहे जितना प्रतिवाद करे गोजमुमो का सेटअप जनहित में है। गोरामुमो द्वारा 25 जुलाई 1988 को पृथक गोर्खालैंड की मांग को ड्रप कर त्रिपक्षीय समझौता करना ही सबसे बड़ी भूल की तथा जनता के सपने को चकनाचूर कर दिया। यह बातें स्थानीय मोर्चा नेता बीपी भंट्टराई ने बुधवार को पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 88 में गोरामुमो ने गोर्खालैंड की मांग को ड्रप कर त्रिपक्षीय समझौते के कागज दिखाते हुए कहा कि जातीय अस्मिता से जुड़ी गोर्खालैंड की मांग को उसी समय ड्रप करने वाले गोरामुमो जिस तरह गोर्खालैंड की चर्चा कर रहा है वह हास्यास्पद व मूर्खतापूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोरामुमो पहले अपनी भूल को देखे फिर गोजमुमो के अंतरिम सेटअप के संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करे। गोर्खालैंड प्राप्त करने के लिए गोजमुमो 30 माह से आंदोलनरत है। उन्होंने गोरामुमो नेता राजेन मुखिया द्वारा लगातार मोर्चा की कार्यपद्धति के संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करने का तीव्र विरोध करते हुए कहा कि जनता को भ्रमित न करें क्यों कि आज जनता जागरूक है। जब कि गोरामुमो नेता मुखिया अपने खोए हुए धरातल को प्राप्त करने का दिवास्वप्न देख रहे हैँ। भंट्टराई ने कहा कि गोरामुमो नेताओं को प्रायश्चित करके बैठना होगा।
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