अन्य कुछ स्वीकार नहीं गोर्खालैंड के अलावा
कालिम्पोंग (दार्जिलिंग) : हमें केवल गोर्खालैंड चाहिए। इसके अलावा अन्य कुछ नहीं चाहिए। यह बातें गोजनामो नेता आशा गुरुंग ने शुक्रवार को कापथांग शिशु शिक्षा केंद्र के मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यदि मैं शहीद होती हूं तो आप दुखी न हों, अगर आप गोर्खालैंड के लिए शहीद हुए तो मैं न रोऊंगी। इसी संकल्प को लेकर मैं और विमल गुरुंग आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने व विमल गुरूंग ने अगर धोखा किया तो मर जाने का प्रण भी लिया है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग मोड़ पर विद्यार्थी मोर्चा तथा नारी मोर्चा पर प्रशासन, बांग्ला भाषा बचाओ कमेटी व आमरा बंगाली द्वारा किए गए आक्रमण की निंदा करते हुए कहा कि अबला नारी व विद्यार्थियों पर हमला न करें। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनमें साहस है तो आतंकवादियों व माओवादियों के साथ लड़कर दिखाएं।उन्होंने विद्यार्थियों से शक्तिशाली बनकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर गोर्खा शहीद होता है तो उन्हें सम्मान स्वरुप वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाता है, मगर अवकाश प्राप्त गोर्खा सैनिकों को विदेशी की उपाधि दी जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हम भारतीय हैं विदेशी नहीं। मगर वह विदेशी नहीं हैं तो ढाका में क्यों अपना घर बनाएं हैं। मुख्यमंत्री केवल वोट व गद्दी के लिए भारत में हैं। उन्होंने कहा कि मदन तमांग व घीसिंग की तरह घर में बैठकर आंदोलन नहीं करते। उन्होंने मदन तमांग व घीसिंग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आमरण अनशन पर बैठकर भूख से लड़कर दिखाएं। तभी उन्हें पता चलेगा। गोजमुमो को बदनाम करने का प्रयास न करें। आज गांधीवादी तरीके से जारी आंदोलन को न भड़काएं। सभा में दलपचंद्र क्षेत्र की सात प्रशाखाओं के 300 से अधिक लोग उपस्थित थे। जिसमें केंद्रीय समिति के फ्रांसीस देवान, उपाध्यक्ष कल्याण देवान, सदस्य देशभक्त सुब्बा, शाखा के प्रचार सचिव कुमार चामलिंग, नारी मोर्चा अध्यक्ष काजिम छिरिंग भोटिया, सचिव कल्पना तमांग आदि उपस्थित थे।
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