स्थानीय को ही प्रशासक बनाया जाए : प्रधान
कालिम्पोंग (दार्जिलिंग) : मैंने पहले ही दागोपाप प्रशासक को हटाने की बात कही थी, पर उस समय किसी ने मेरी बात का समर्थन नहीं किया। इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भंट्टाचार्य को ज्ञापन भी सौंपा था। जिसमें स्थानीय व्यक्ति को ही प्रशासक बनाने की मांग की थी, क्यों कि यहां कई सीनियर आईएएस अधिकारी हैं। यह बातें गोरामुमो के अध्यक्ष कर्नल डीके प्रधान ने कही। उन्होंने कहा कि आइला पीड़ितों की मदद के लिए आई धनराशि के वितरण में धांधली हुई। उन्होंने कहा कि दागोपाप प्रशासक बीएल मीणा का कार्यकाल नहीं बढ़ना चाहिए तथा कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व ही प्रशासक को अपने कार्यकाल में आयी धनराशि का पूर्ण हिसाब जनता के समक्ष उजागर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के आंदोलनकारियों को दागोपाप में क्या हो रहा है इससे मतलब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मदन तमांग के हत्यारों को पकड़ने के लिए दबाव बनाना चाहिए, क्यों कि उक्त कांड के प्रति गोजमुमो ने भी शोक व्यक्त किया था तथा मदन तमांग राजनीतिक व्यक्ति ही नहीं थे बल्कि वह पहाड़ पुत्र भी थे।
प्रशासन कह रहा है कि हत्यारे नेपाल व सिक्किम में हैं तो बंगाल सरकार उन्हें पकड़ती क्यों नहीं है। उन्होंने मदन तमांग हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर इसमें विलंब हुआ तो कुछ भी हासिल न होगा। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार वोट की खातिर चुनाव से पहले ही अंतरिम व्यवस्था स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ पर बंद व घेराव से कुछ नहीं होगा। राज्य व केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रस्तावित गोरखालैंड क्षेत्र में इस तरह का आंदोलन होना चाहिए।
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