घीसिंग के आवास में बांची जा रहीं किताबें
मिरिक (दार्जिलिंग): गोरामुमो सुप्रीमो सुभाष घीसिंग का पैत्रक आवास बच्चों व विद्यार्थियों का अध्ययन केंद्र बन गया है। दृष्टि वेलफेयर सोसाइटी स्थानीय विद्यार्थियों व छोटे-छोटे बच्चों के लिए गोरामुमो सुप्रीमो के आवास में विभिन्न शिक्षाप्रद कार्यक्रम कर बौद्धिक विकास को उभारने का कार्य हो रहा है। दार्जिलिंग गोर्खा पार्वत्य परिषद (दागोपाप) में गोरामुमो के वर्चस्व के दौरान उक्त भवन में जाने का कोई दुस्साहस नहीं कर पाता था। बल्कि गोजमुमो मंजू शाखा गठन के बाद शाहीमहल की तरह उक्त भवन को सार्वजनिक कर दिया गया था। दो तल्ले के उक्त भवन में दृष्टि सोशियल वेलफेयर सोसाइटी ने विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की स्थापना कर दी। युवा मोर्चा मंजू शाखा के प्रवक्ता सतीश राई न बताया कि यहां हर दिन विद्यार्थियों की भीड़ लगी रहती है। यह भवन घीसिंग के पैत्रक गांव में है। गोजमुमो के गठन के बाद पहाड़ से विस्थापित हुए गोरामुमो सुप्रीमो सुभाष घीसिंग के उक्त पैत्रक घर को स्थानीय नागरिकों ने जनता के पैसे से निर्मित होने का दावा करते हुए इसे सार्वजनिक करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि उक्त भवन में पार्टी कार्यालय के अलावा, युवा मोर्चा, नारी मोर्चा व ट्रेड यूनियन का कार्यालय भी खोला गया। यही नहीं आये दिन भवन में गांव के शुभ-अशुभ कार्यक्रम में शरीक होने आये अतिथियों के बैठने व सोने की व्यवस्था की जाती थी। गोजमुमो मंजू शाखा ही भवन की सुरक्षा कर रहा है। उक्त भवन शिक्षा तथा सामाजिक हितों के लिए प्रयोग किया जा रहा है।
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