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नेताजी होते तो गोर्खाओं का शोषण व दमन न होता

VEER GORKHA NEWS NETWORK | 5:04 AM | 0 comments

कर्सियांग : आज अगर नेताजी होते तो गोर्खाओं का शोषण दमन नहीं होता। जो दीर्घ समय से हो रहा है। यह बातें गोर्खा जनमुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव रोशन गिरि ने शनिवार को कर्सियांग में सुभाष चंद्र बोस की जंयती समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नेताजी गोर्खाओं के शुभचिंतक थे। नेताजी के साथ गोर्खाओं ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी। नेताजी गोर्खाओं के देश प्रेम से परिचित थे। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में महात्मा गांधी के अनुरूप नेताजी की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने आईएनए गठन कर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध संग्राम किया था इस अंवधि में गोर्खाओं की पूर्ण सहभागिता योगदान रहा। स्वाधीनता आंदोलन में पंद्रह हजार से अधिक गोर्खाओं ने बलिदान दिया था। उन्होंने आमरा बंगाली बांग्ला भाषा बचाओ कमेटी जैसे संगठनों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बांग्लादेशी अनुप्रवेशकारियों द्वारा गठित ऐसे संगठनों द्वारा गोर्खा जाति के देशभक्ति, त्याग बलिदान पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। ऐसे कार्यो का हम पुरजोर विरोध करते हैं तथा सरकार को भी ऐसे संगठनों के क्रियाकलापों से सजग रहना होगा।
उन्होंने गोर्खालैंड के लिए सभी लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने पथावरोध रैली जैसे कार्यक्रम में 26 जनवरी, 30 जनवरी, 2 5 फरवरी को छूट देने की घोषणा की। इस अवसर पर नेताजी के गिद्धपहाड़ स्थित गृह में नेताजी के संसर्ग में रहने वाले 86 वर्षीय पूर्व शिक्षक आरपी माझी 82 वर्षीय मोतीमाया लेप्चा को प्रमुख अतिथि ने नगद पांच हजार रुपये की राशि, अंगवस्त्र खादा पहनाकर सम्मानित किया। समारोह अध्यक्ष प्रदीप प्रधान ने कहा कि सरकार द्वारा नेताजी संग्रहालय हिमाली भाषा, समाज संस्कृति अध्ययन केंद्र की स्थापना के बाद समुचित ढंग से ध्यान नही दे रही है। गोर्खाओं के अनुरूप नेताजी पर भी राज्य सरकार की अवहेलना प्रदर्शित होने का मंतव्य व्यक्त किया। समारोह में पदम रवाती ने देशभक्ति गीत प्रतिभा परिवार के सदस्यों ने उत्कृष्ट नृत्य किया। इस अवसर पर मोर्चा के सहसचिव विनय तमांग ने नेताजी की जीवनी, योगदान गोर्खाओं से रिश्ते विषय पर बुद्धिमान प्रधान बमप द्वारा लिखित रचना पढ़ी। समारोह प्रारंभ होने के पूर्व मोटर स्टैंड से रैली निकाली गयी। रैली समारोह स्थल तक गयी। समारोह में नेताजी इंस्टीट्यूट आफ एशियन स्टडीज, नेताजी म्यूजियम एंड सेंटर फार स्टडीज इन हिमालयन, लैग्वेज, सोसाइटी एंड कल्चर, गिद्ध पहाड़, कर्सियांग परिसर में संपन्न समारोह में प्रमुख अतिथि गोजमुमो केंद्रीय कमेटी के महासचिव रोशन गिरि थे।

समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय झंडोत्तलन व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व नेताजी की मूर्ति पर गोजमुमो महासचिव रोशन गिरि ने माल्यार्पण किया। गोजमुमो उपाध्यक्ष प्रदीप प्रधान, केंद्रीय सहसचिव विनय तमांग ने भी माल्यार्पण किया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय गीत जन-गण-मन का गायन किया। कार्यक्रम के समापन के बाद गोजमुमो केंद्रीय कमेटी के प्रतिनिधि व स्टडी फोरम की बैठक हुई। बैठक में शामिल लोगों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। जब इस संबंध मे ंगोजमुमो के केंद्रीय कमेटी के सदस्य अमर लामा से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि बैठक में गोर्खालैंड आंदोलन की नई रणनीति के संबंध में चर्चा-परिचर्चा की गई। जब उनसे पूछा गया कि क्या पांचवीं त्रिपक्षीय वार्ता राजनीतिक स्तर पर होगी तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। समारोह में प्रदीप प्रधान, आरपी वाइबा, विनय तमांग, राजू प्रधान, चुन्नू बहादुर सिंह, कमल थापा, रबि गुरुंग, प्रणय थापा, योगेंद्र राई, प्रभा क्षेत्री, ज्योति गुरुंग,अमर लामा, अनित थापा, डा.आरपी भुजेल, एलबी राई, ईशामणि पारिव्रन, लक्ष्मण राई, सुजित कुमार कार्कीडोली, नार्देन लामा, रतन थापा, पूरण थामी आदि उपस्थित थे। सहित अन्य सदस्यों, स्टडीफोरम के सदस्य पी अर्जुन व अन्य लोग उपस्थित थे।

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